Chanakya niti: कुत्ते से भी इंसान सीख सकता है ये तीन गुण! जीवन में होंगे सफल

हर इंसान किसी ना किसी से कोई सीख जरूर लेता है. अश्विनी पाराशर की बुक चाणक्य नीति के मुताबिक

चाणक्य-नीति शास्त्र के छठवें अध्याय में आचार्य चाणक्य ने बताया है

कुत्ता भले ही जानवर है लेकिन इंसान कुत्ते से भी तीन गुण सीख सकता है

वह्वशी स्वल्पसन्तुष्टः सुनिद्रो लघुचेतनः । स्वामिभक्तश्च शूरश्च षडेते श्वानतो गुणाः ॥20॥

1.संतोष (Satisfaction) आचार्य चाणक्य कहते हैं कि आशय यह है कि कुत्ता कितना ही भूखा क्यों न हो

1.संतोष (Satisfaction) उसे जितना मिल जाए, उसी में सन्तोष कर लेता है. साथ ही उसे जितना खिला दो, वह सब खा जाता है

1.संतोष (Satisfaction) वह कभी नहीं कहता कि उसे कुछ अलग खाना है या फिर अगर आपने उसे पसंदीदा खाना नहीं दिया तो वह खाना नहीं खाएगा

2. सतर्कता (Alertness) आचार्य चाणक्य कुत्ते के गुणों का बखान करते हुए कहते हैं कि कुत्ते को थोड़ी ही देर में गहरी नींद आ जाती

2. सतर्कता (Alertness) लेकिन जरा सी भी आहट आते ही वह तुरंत उठ खड़ा होता है और सतर्क हो जाता है